जनादेश-2025: बढ़ता बिहार, बदलता बिहार, नहीं बदलेगा नेतृत्व फिर से नीतीशे सरकार!

रिपोर्ट: सुशांत पाठक

बिहार के शिल्पकार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की बेदाग छवि और कुशल नेतृत्व पर जनता का अटूट भरोसा बीस साल बाद भी बरकरार है, यह विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों ने साबित कर दिया है| प्रचंड जनादेश के साथ प्रदेश की जनता ने एन0डी0ए0 की झोली में 202 सीटें डालकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विकास पर पुनः अपनी मुहर लगा दी है| इसका प्रतिफल है कि 20 नवम्बर को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में नीतीश कुमार रिकॉर्ड 10 वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे| यह शपथ बिहार के विकास को और आगे बढ़ाने, राज्य में अमन-चैन कायम रखने के साथ ही मेनिफेस्टो में किए गए वादों को अक्षरशः लागू करने का होगा|

विगत दो दशक के अपने कार्यकाल में विकास कार्यों एवं एवं लॉं एंड ऑर्डर कायम कर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार “सुशासन बाबू” के पर्याय बने| बीमारू बिहार को विकसित प्रदेश बनाने के लिए एक के बाद एक कर कई ऐतिहासिक फैसले लिए, जनकल्याणकारी योजनाओं का संचालन किया तथा बुनियादी सुविधाओं को जन-जन तक पहुंचाने में अनवरत जुटे रहें| यही कारण है कि बिहार का बजट 24 हजार करोड़ रुपए से बढ़कर वर्तमान वित्तीय वर्ष में 3 लाख 16 हजार करोड़ रुपए से भी अधिक हो गया| वर्ष 2005 में बिहार की बागडोर संभालने के साथ ही नीतीश सरकार ने सुशासन के कार्यक्रमों का खाका खींचकर उसपर दृढ़तापूर्वक अमल किया जिसका नतीजा जगजाहिर है| महिला सशक्तिकरण की दिशा में पंचायती राज संस्थाओं, नगर निकाय के चुनाव तथा प्राथमिक शिक्षक की बहाली में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान लागू करने जैसे कई क्रांतिकारी कदम उठाए| 

न्याय के साथ विकास और सुशासन को स्थापित करने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पुलिस बल की संख्या बढ़ाने के साथ ही उन्हें अत्याधुनिक सुविधाओं तथा साजो-सामान से सुसज्जित कराया| वर्ष 2005 से पहले के बिहार में लोग अपने घरों से बाहर निकलने में डरते थे जबकि अब कभी भी, कही भी लोग बेखौफ होकर अपनी आवश्यकतानुरूप आवागमन कर रहे हैं| अब राज्य में चहुओर आपसी भाईचारा और सौहार्द का माहौल कायम है| राज्य की पहली जवाबदेही शांति व्यवस्था बहाल करने की होती है जिसे नीतीश कुमार ने सिर्फ स्थापित ही नहीं किया बल्कि हर सूरतेहाल में विगत दो दशक से इसे कायम रखने में भी कामयाब रहें हैं| यही कारण है कि अपराध, अपहरण, फिरौती, लूट, हत्या, नरसंहार की पहचान बने बिहार की छवि निरंतर सुधरती और निखरती रही, अब बिहारी पहचान अपमान का नहीं सम्मान का विषय बन चुका है| 

बिहार की बागडोर संभालते ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली आपूर्ति, सड़क, पुल-पुलियों के निर्माण सहित जनहित से जुड़े हर जरूरी क्षेत्रों में विकास का काम कराया जा रहा है जिसका असर साफ तौर पर देखा जा सकता है| विद्या और विद्यालय की पहुँच से दूर रहनेवाले 12.5  प्रतिशत बच्चों को शत प्रतिशत स्कूलों में नामांकित कराने हेतु कई कार्यक्रम शुरू किए गए| इस कड़ी में स्कूल चलो कार्यक्रम, प्रयास केंद्र, मकतब मदरसा नवाचारी केंद्र, तालीमी मरकज केंद्र, उत्थान केंद्र एवं उत्प्रेरण केंद्र खोलने सहित अन्य महत्वपूर्ण पहल शुरू की गयी| सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए पोशाक योजना, पुस्तक वितरण की व्यवस्था, साइकिल योजना, मध्याहन भोजन जैसी अन्य महत्वपूर्ण योजनायें चलायी गयी| बड़े पैमाने पर बहाली कर शिक्षकों की संख्या में काफी वृद्धि की गयी| सात निश्चय योजना के माध्यम से काफी कम समय में 50 लाख लोगों को नौकरी एवं रोजगार मुहैया कराया गया| प्रारम्भ से ही पिछड़ा, अतिपिछड़ा, अनुसूचित जाति/जनजाति, दलित, महादलित, सवर्णो, अल्पसंख्यकों, महिलाओं तथा युवाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में हरसंभव प्रयास किया जा रहा है| 

“हम न किसी को फंसाते हैं और न बचाते हैं” मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस फॉर्मूले को अपनाकर जीरो टोलेरेंस की नीति के तहत भ्रष्टाचार के विरुद्ध कई बड़ी कार्रवाई की गयी| गलत ढ़ंग से धनोपाजर्न करने, रंगे हाथों रिश्वत लेते पकड़े जानेवाले तथा पद का दुरुपयोग करनेवालों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की गयी|  नीतीश कुमार ने ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम आयोजित कर बड़ी संख्या में जन-शिकायतों का ऑन स्पॉट निपटारा किया| बड़ी संख्या में सड़कों तथा पुल-पुलियों का निर्माण किया गया| बिजली आपूर्ति की स्थिति में सुधार लाने के लिए अक्टूबर 2012 में राज्य विद्युत बोर्ड को समाप्त कर पांच विद्युत कंपनिया बनाई गई और अक्टूबर 2018 को प्रदेश के हर इच्छुक व्यक्ति तक बिजली पहुंचा दी गयी| विद्युत आपूर्ति हेतु जर्जर तारों को बदलने, बिजली की चोरी करनेवालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर बिजली चोरी की घटनाएँ पूर्णतः रोकने की कोशिश की गयी और अनुदानित दर पर लोगों को बिजली मुहैया कराई जाने लगी| अब तो बिहार के सभी घरेलू उपभोक्ताओं को फ्री बिजली उपलब्ध कराई जा रही है| इस तरह लालटेन की टिमटिमाती रोशनी से बाहर निकालकर नीतीश कुमार ने बिहार को समुचित विकास और पर्याप्त प्रकाश से जगमग कर दिया|

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सत्तासीन होते ही निचले स्तर तक के सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त संख्या में चिकित्सकों की तैनाती, निःशुल्क दवा वितरण, पर्याप्त संख्या में एंबुलेंस की उपलब्धता आदि की व्यवस्था तथा उसकी मॉनिटरिंग शुरू की गयी| मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में ससमय इलाज की सुविधा सुनिश्चित कराई गयी| जिला अस्पतालों में 24 घंटे आपात चिकित्सा सुविधा, नियमित टीकाकरण,  ब्लड बैंक की स्थापना जैसी हर आवश्यक पहल की गयी| इस कारण ससमय तथा निःशुल्क इलाज लोगों को मिलने लगा| स्वास्थ्य के प्रति लोगों को जागरूक करने हेतु अभियान शुरू किए गए जिसके फलस्वरूप प्रजनन दर, शिशु मृत्यु दर तथा मातृ मृत्यु दर में काफी गिरावट दर्ज की गयी| महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना शुरू की गयी| इतना ही नहीं रोजगार शुरू करने के लिए प्रत्येक महिला के खाते में राज्य सरकार की तरफ से 10 हजार रुपया भी भेजा गया| सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना से आच्छादित सभी वृद्धजनों, विधवा एवं दिव्यांगजनों को मिलनेवाली पेंशन की राशि 400 रुपए से बढ़ाकर 1100 रुपए किया गया|

इस प्रकार विगत 20 वर्षों के अपने कार्यकाल में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सभी वर्गों का ख्याल रखते हुए बिना किसी भेदभाव के हर क्षेत्र में विकास का काम कराया और जनता का भरोसा दो दशक बाद भी जीतने में सफल रहे| नीतीश कुमार के नेतृत्व को लेकर गढ़े गए नारे (“25 से 30, फिर से नीतीश”) से दो कदम आगे बढ़कर बिहार की जनता ने बिहार विधानसभा की 243 सीटों में एन0डी0ए0 को 200 के पार पहुंचा दिया| इस बार के जनादेश ने भी स्पष्ट कर दिया है कि बढ़ता बिहार, बदलता बिहार, नहीं बदलेगा नेतृत्व फिर से नीतीशे सरकार!

WhatsApp

Create Account



Log In Your Account