भोजपुरी को प्रोत्साहन की जरूरत

रिपोर्ट: साभारः

कोलकाता: कोलकाता में रहने वाले यूपी, बिहार और अन्य हिंदी भाषी लोगों को हिंदुस्तानी समाज कहा जाता है. उत्तर भारत के लोगों को उत्तर भारत हिंदुस्तानी समाज का जो मंच मिला है, इसके माध्यम से हमें भोजपुरी संस्कृति को बढ़ावा देने की जरूरत है, जिससे युवा पीढ़ी भोजपुरी संस्कृति को ठीक से समझ सके. समय के साथ हमें अपने संगठन को मजबूत करने की जरूरत है. ये बातें उत्तर भारतीय हिंदुस्तानी समाज के तत्वावधान में भोजपुरी गीत-संगीत एवं भिखारी ठाकुर की अमर कृति विदेशिया नाटक के मंचन के उदघाटन के अवसर पर संस्था के चेयरमैन राजेश सिन्हा ने तारा सुंदरी पार्क में कहीं. समाजसेवी संजय उपाध्याय ने कहा कि बंग भूमि क्रांतिकारियों, साहित्यकारों और कलाकारों की भूमि है. इस भूमि को हिंदुस्तानी समाज अपने शारीरिक एवं मानसिक श्रम से विकसित करने में सहयोग करे. मनोज पांडेय ने कहा कि भिखारी ठाकुर भोजपुरी के शेक्सपीयर थे. कार्यक्रम के संयोजक शिवजी पांडेय ने कहा कि संगठन का मुख्य उद्देश्य उत्तर भारतीय प्रवासी लोगों के बीच सेतु का काम करना है साथ ही भोजपुरी भाषा को बढ़ावा देने के साथ इसमें आ रही अपसंस्कृति को रोकना है. इस अवसर पर बलिया से आये संजय शिवम, शैलेंद्र मिश्र, आशिष त्रिवेदी एवं सीवान से आये रामेश्वर गोप ने भोजपुरी गीतों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया. इस अवसर पर कलाकारों ने भिखारी ठाकुर की अमरकृति विदेशिया का मंचन भी किया. मौके पर पार्षद मीना पुरोहित, विजय ओझा, सत्य नारायण सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे. कार्यक्रम को सफल बनाने में संजय पांडेय, अजीज अंसारी, राहुल पांडेय, संतोष माली, सुभाष सिंह, गोविंद सिंह, डॉ संतोष पांडेय सहित अन्य लोग सक्रिय रहे.


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