रोजगार बढ़ाने के उपाय जरूरी: पीएचडी चैंबर

रिपोर्ट: साभारः

उद्योग मंडल पीएचडी चैंबर ने आगामी आम बजट में मांग बढ़ाने के उपाय किए जाने पर जोर देते हुए कहा है कि रोजगार बढ़ाने और उच्च वद्धि के लिए व्यक्तिगत और कंपनी कर दरों में छूट का दायरा बढ़ाया जाना चाहिए ताकि लोगों की जेब में अधिक पैसा बचे और उनकी क्रय शक्ति बढ़े। लघु एवं मंझोले उद्योगों का प्रतिनिधित्व करने वाले इस उद्योग मंडल ने वर्ष 2015-16 के बजट के बारे में अपने सुझावों में कहा है कि इसमें विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा दिया जाना चाहिये, कारोबार की आसानी के उपाय होने चाहिये तथा ढांचागत क्षेत्र की परियोजनाओं में तेजी लायी जानी चाहिए। पीएचडी के अध्यक्ष आलोक बी़ श्रीराम ने आज यहां संगठन के बजट संबंधी सुझावों पर संवाददाताओं से कहा, व्यक्तिगत आयकर छूट में पिछले तीन साल की मुद्रास्फीति के अनुरूप वद्धि की जानी चाहिये। कंपनी कर की दर कम करके 25 प्रतिशत की जानी चाहिये जो अभी अधिभार सहित करीब मौजूदा 34 प्रतिशत है। संगठन ने निवेश पर कर छूट की सीमा और आवास ऋण के ब्याज पर मिलने वाली छूट को भी बढ़ाये जाने का सुझाव दिया है। पीएचडी मंडल के महासचिव सौरव सान्याल ने बाद में कहा कि निवेश छूट सीमा को डेढ से बढ़ाकर पौने दो लाख और आवास ऋण ब्याज पर मिलने वाली कर छूट सीमा को दो लाख से बढ़ाकर तीन लाख रुपये किया जाना चाहिये। वर्तमान में 2.5 लाख रुपये की व्यक्तिगत आय कर मुक्त है। डेढ लाख रुपये तक के निवेश पर कर छूट दी जाती है जबकि आवास ऋण पर सालाना दो लाख रुपये तक के ब्याज पर कर छूट उपलब्ध है। आलोक श्रीराम ने चिकित्सा पर बढ़ते खर्च को देखते हुये चिकित्सा खर्च पर मिलने वाली छूट को मौजूदा 15,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये करने का सुझाव दिया।


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