चार वर्षों तक पूरी तरह बंद होगा गांधी सेतु

रिपोर्ट: साभारः

जर्जर गांधी सेतु को नया जीवन देने की कवायद के तहत जापान की एजेंसी जाइका की प्रारंभिक रिपोर्ट पर शनिवार को बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक हुई। जाइका की रिपोर्ट में इस बात का जिक्र है कि गांधी सेतु के निचले हिस्से में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं है। सेतु के पूरे सुपर स्ट्रक्चर को बदल दिया जाए और एक-दो पाए को दुरस्त कर दिया जाए तो गांधी सेतु को नई जिंदगी मिल जाएगी। इस पूरे काम में कम से कम चार साल लगेंगे। इस अवधि में पुल पर सभी तरह के वाहनों का परिचालन बंद रहेगा। जाइका की फाइनल रिपोर्ट फरवरी में आएगी। इसके बाद पथ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय इस काम के लिए निविदा कर सकता है। इस परिपेक्ष्य में मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के स्तर पर होने वाली व्यवस्था पर बैठक की। उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच वाहनों का परिचालन प्रभावित नहीं हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। गांधी सेतु के बंद होने से उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार के बीच छोटी गाड़ियों का परिचालन प्रभावित नहीं हो इसके लिए समानांतर दो पीपा पुल बनाने का फैसला किया गया। पथ निर्माण मंत्री ललन सिंह ने बताया कि इस संबंध में अधिकारियों को कहा गया है कि वे पीपा पुल के लिए जल्द जगह की तलाश करें। एक पीपा पुल पटना से हाजीपुर की ओर जाने के लिए और दूसरा हाजीपुर से पटना की ओर आने के लिए होगा।


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