नहीं रुकेगा घर वापसी कार्यक्रमः भागवत

रिपोर्ट: शंखनाद न्यूज़

कोलकाता। धर्मांतरण के मुद्दे पर संसद में दो हफ्ते के हंगामे से बेपरवाह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार को साफ कर दिया कि संघ परिवार का घर वापसी कार्यक्रम नहीं रुकने जा रहा। जिसे इस पर आपत्ति हो वह धर्मातरण के खिलाफ कानून बनाए, जो पूरे देश के लोगों पर लागू हो। अगर हिंदू बनने से लोगों को रोकना चाहते हैं तो यह भी सुनिश्चित करें कि कोई हिंदू भी दूसरे धर्म में नहीं ले जाया जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि हमें किसी से डरने की जरूरत नहीं है, हम अपने देश में हैं और सभी को समझ लेना चाहिए कि भारत हिंदू राष्ट्र है। हिंदू अपनी धरती नहीं छोड़ेगा। पूर्व में जो जमीन हमारे पास से गई है-उसे भी लेने का प्रयास किया जाएगा। शनिवार को यहां आयोजित विशाल हिंदू सम्मेलन में सर संघचालक ने विश्व हिंदू परिषद के घर वापसी कार्यक्रम का विरोध करने वालों को आड़े हाथ लेते हुए कहा, अगर कभी किसी ने हमारी संपत्ति की चोरी की है और अब हम उसे बरामद करके वापस ले रहे हैं, तो उसमें गलत क्या है ? हमारा उद्देश्य हिंदू समाज को मजबूत बनाना है। अगर आपको यह पसंद नहीं तो संसद कानून बनाए। गौरतलब है कि संसद में हुए हंगामे पर संसदीय कार्यमंत्री वेंकैया नायडू ने कहा है कि वह धर्मातरण के मामले पर चिंतित हैं। वह इस पर रोक लगाने के लिए कानून बनाने के पक्षधर हैं। विपक्ष अभी भी धर्मातरण पर प्रधानमंत्री के वक्तव्य की मांग कर रहा है। भागवत ने कहा, हिंदू समाज किसी को दबाना नहीं चाहता। बांग्लादेश और पाकिस्तान में हिंदू अपराध सह रहा है। ईश्वर ने साफ कहा है कि जब सौ से ज्यादा अपराध हो जाएं तो फिर उसे मत सहो। उन्होंने याद दिलाया कि कभी भारत का हिस्सा रहे पाकिस्तान में इसीलिए हिंदुओं की संख्या कम होती चली गई क्योंकि वे वहां पर शांति से रहने के बावजूद सुरक्षित नहीं हैं। 1947 में 'कुछ होने' से पाकिस्तान बना है। पाकिस्तान स्थायी नहीं है। परिवर्तन होने में अब ज्यादा समय नहीं है। संघ प्रमुख ने कहा कि जब तक देश में हिंदू मजबूत रहेगा, तब तक इस देश का वजूद रहेगा। अब हिंदू समाज अपनी संपत्ति और सम्मान की रक्षा करने में सक्षम है, इसलिए किसी को चिंता करने की जरूरत नहीं है। पूरी दुनिया की भलाई के लिए हिंदू समाज का मजबूत रहना आवश्यक है।


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