वायु प्रदूषण के संपर्क में थोड़ी देर के लिए भी आने से गर्भपात का खतरा बढ़ सकता है। एक नए अध्ययन में यह चिंतित करने वाली बात सामने आई है। वायु प्रदूषण को दमा से लेकर समयपूर्व प्रसव तक, स्वास्थ्य पर पड़ने वाले तमाम बुरे प्रभावों से जोड़ कर देखा जाता है।

अमेरिका के यूटा विश्वविद्यालय के अनुसंधानकर्ताओं ने पाया कि यूटा राज्य की सबसे अधिक आबादी वाले क्षेत्र में रहने वाली महिलाएं जब वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ने के बाद उसके संपर्क में आईं तो उनमें गर्भपात होने का खतरा ज्यादा (16 प्रतिशत) बढ़ गया। 2007 से 2015 तक किए गए इस अध्ययन में 1300 महिलाएं शामिल

वैज्ञानिकों ने एक नया स्मार्टफोन एप विकसित किया है। इसके जरिये खून की कमी की समस्या एनीमिया की सटीक पहचान हो सकती है। इस बीमारी का पता लगाने में रक्त जांच की भी जरूरत नहीं पड़ेगी। महज नाखूनों की तस्वीरों से ही एनीमिया का पता लगाया जा सकता है। अमेरिका की एमरी यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने यह एप विकसित किया है। रक्त जांच की जगह यह एप स्मार्टफोन से किसी व्यक्ति के नाखूनों की ली गई तस्वीरों से सटीक आकलन कर सकता है कि खून में हीमोग्लोबिन की कितनी मात्र मौजूद है? इस अध्ययन के प्रमुख शोधकर्ता विल्बर लैम ने कहा, ‘इस स्वचालित एप का नतीजा सटीक हो

 वैज्ञानिकों ने एक नया स्मार्टफोन एप विकसित किया है। इसके जरिये खून की कमी की समस्या एनीमिया की सटीक पहचान हो सकती है। इस बीमारी का पता लगाने में रक्त जांच की भी जरूरत नहीं पड़ेगी। महज नाखूनों की तस्वीरों से ही एनीमिया का पता लगाया जा सकता है। अमेरिका की एमरी यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने यह एप विकसित किया है। रक्त जांच की जगह यह एप स्मार्टफोन से किसी व्यक्ति के नाखूनों की ली गई तस्वीरों से सटीक आकलन कर सकता है कि खून में हीमोग्लोबिन की कितनी मात्र मौजूद है? इस अध्ययन के प्रमुख शोधकर्ता विल्बर लैम ने कहा, ‘इस स्वचालित एप का नतीजा सटीक हो सकता है।’ 

शंखनाद डेस्क:भीड़ भरी सड़कों पर गाड़ी चलाना और गैजेट्स के बढ़ते चलन के कारण देर तक गलत पॉस्चर में बैठे रहना रीढ़ की सेहत पर भारी पड़ रहा है। पहले जहां चालीस पार ही स्लिप डिस्क के मामले देखने को मिलते थे, आज युवा भी इस बाबत डॉक्टरों के चक्कर लगा रहे हैं। आप कैसे इस दर्द से बच सकते हैं, बता रही हैं शमीम खान

पिछले कुछ दशकों में आम जीवनशैली में काफी परिवर्तन हुआ है। हमारी शारीरिक सक्रियता काफी कम हुई है और सुविधाओं और गैजेट्स के बढ़ते चलन के कारण लोग घंटों गलत पॉस्चर में बैठे रहते हैं। इन दिनों युवाओं में तेजी से स्लिप डिस्क

शंखनाद डेस्क :बदलते मौसम में सर्दी और जुकाम किसी को भी हो सकता है, लेकिन इसे गंभीरता से नहीं लिया जाता। सर्दी-जुकाम वैसे तो साधारण-सी समस्या है, लेकिन कई बार इसके गंभीर परिणाम भी होते हैं। कई लोग सर्दी-जुकाम के लिए एलोपैथिक दवाएं ले लेते हैं, जिनसे कुछ समय के लिए आराम मिलता है, लेकिन जैसे ही दवा का असर खत्म होता है, वे फिर से इसकी गिरफ्त में आ जाते हैं। सर्दी-जुकाम में घरेलू उपाय ज्यादा मददगार हो सकते हैं। इसके अलावा सुबह-शाम गरारे करने से भी आपको लाभ मिलेगा। बदलते मौसम में यह समस्या अधिक क्यों होती है और क्या हैं इसके लक्षण व उपचार? जानकारी

शंखनाद डेस्क:आपको जानकर हैरानी होगी कि भूलने की एक दुर्लभ बीमारी जान भी ले सकती है। शोधकर्ताओं का दावा है कि डीएनए में उत्परिवर्तन से गर्भधारण के दौरान महिला को होने वाली यह बीमारी बहुत खतरनाक है।

यह बीमारी डिमेंशिया का एक प्रकार है। डेनमार्क की एक महिला के पति की मौत क्रूट्सफेल्ड-जेकब रोग (दिमाग की काम करने की क्षमता को कम करने वाला रोग) से हो गई थी। गर्भधारण के दौरान उसके पति के इस रोग का जीन भ्रूण में पहुंच गया। इससे भ्रूण के डीएनए में उत्परिवर्तन हो गया। उत्परिवर्तन के बाद भ्रूण से निकला एक जहरीला प्रोटीन प्लेसेंटा के जरिये महिला के दिमाग तक पहुंच गया।

शंखनाद डेस्क : बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर केंद्र सरकार ने खसरा और रूबेला जैसी गंभीर के लिए महाअभियान की शुरुआत की है। पोलियो मुक्त भारत की तरह भारत सरकार अब खसरा मुक्त भारत के लक्ष्य पर काम कर रही है। 2020 तक भारत को खसरा मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत शुरु हुए इस महाअभियान के तहत खसरा के संक्रमण से बच्चों को बचाने के लिए मिजिल्स-रुबेला का टीका लगाया जा रहा है। फ्री में लगाए जा रहे इस टीकाकरण अभियान को युद्धस्तर पर देशभर में शुरू किया गया है। 

देशभर में 41 करोड़ बच्चे को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य
डब्ल्यूएचओ के 10 दक्षिण-पूर्व एशिया

बदलते मौसम के साथ देश की राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण बढ़ता जा रहा है। अभी ठंड का बढ़ना बाकी है और दिल्ली में प्रदूषण अभी से ही खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है। ऐसे मे हर कोई अपने आपको जहरीली हवा से बचाने के उपाय ढूंढ रहा है। आप भी कुछ आसान उपाय जान लीजिए जिनसे प्रदूषण से लड़ने में आपको मदद मिलेगी।

एक्सरसाइज करने बाहर न निकलें

एक्सरसाइज करने बाहर न निकलें

अगर प्रदूषण का स्तर काफी ज्यादा है तो मॉर्निंग वॉक के लिए बाहर न निकलें। घर से बाहर व्यायाम करना आपको फायदे से ज्यादा नुकसान पहुंचा सकता है।

 

लें पोषक

पटना : रोटरी पटना एवं मिडटाउन द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की 150 वी जयंती के अवसर पर पाटलिपुत्र स्थित मेडिपार्क हॉस्पिटल में “गिफ्ट ऑफ़ लाइफ” कार्यक्रम के तहत दिल से जुड़ी बीमारियों से ग्रसित करीब 200 बच्चों का निःशुल्क जाँच किया गया| इस कार्यक्रम का उदघाटन उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने किया| बिहार के हर हिस्से से दिल में छेद व इससे जुड़ी अन्य समस्याओं से जूझ रहे बच्चें मेडिपार्क हॉस्पिटल में गिफ्ट ऑफ़ लाइफ के तहत आयोजित निःशुल्क हेल्थ कैंप में पहुंचे थें जिनकी जाँच अमृता अस्पताल (कोच्चि) से आये हुए चिकित्सकों ने किया|

गया : केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्वनी कुमार चौबे 'स्वच्छ भारत-स्वस्थ भारत' अभियान के तहत अलग-अलग जगहों पर जाकर पिछले 1 सप्ताह से स्वच्छता अभियान में जुटे हुए हैं| स्वच्छता अभियान की इस कड़ी में अश्विनी चौबे गया में राज्य स्वास्थ्य समिति की जिला इकाई के साथ मिलकर चलाये जा रहे स्वच्छता अभियान के कई कार्यक्रमों में सम्मिलित हुए। स्वास्थ्य स्वच्छता जनजागरण अभियान में उपस्थित लोगों को स्वास्थ्य स्वच्छता का संकल्प दिलाया गया।


गौरतलब है कि विगत एक सप्ताह के अंदर स्वच्छता अभियान की इस कड़ी में सबसे पहले अश्विनी चौबे 24 सितंबर

भारत में पिछले 25 वर्षों में हृदय रोग, पक्षाघात, मधुमेह और कैंसर जैसी बीमारियां बहुत तेजी से बढ़ी हैं। प्रतिष्ठित जर्नल द लेंसेट और इससे सम्बद्ध जर्नलों में बुधवार को प्रकाशित हुए नए अध्ययनों से यह बात सामने आई है। भारत के हर राज्य में हृदय तथा रक्तवाहिकाओं संबंधी बीमारियों, मधुमेह, सांस संबंधी बीमारियों, कैंसर और आत्महत्या के 1990 से 2016 तक के विस्तृत आंकलन दर्शाते हैं कि ये बीमारियां बढ़ी हैं परंतु अलग-अलग राज्यों में इनके प्रसार में काफी भिन्नता है। 

पिछले 25 वर्षों के दौरान भारत में हर राज्य में हृदय संबंधी बीमारियां और पक्षाघात के मामले 50% से अधिक बढ़े हैं। देश में हुईं


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