बिपाशा बसु बॉलीवुड की ग्लैमरस एक्ट्रेस ही नहीं, फिटनेस आइकॉन भी मानी जाती हैं. उन्होंने फिटनेस को लेकर भी काफी काम किया है. 2010 में वे फिटनेस सीडी ‘लव योर सेल्फ’ लॉन्च कर चुकी हैं, जिसमें 60 दिनों का वेट लॉस प्रोग्राम है. वहीं दिल्ली में होनेवाली मैराथन दौड़ का प्रमुख चेहरा रही हैं. इन्हीं वजहों से देश-विदेश की प्रतिष्ठित पत्रिकाएं उन्हें कवर पेज पर स्थान देती रही हैं और न जाने कितने खिताबों से नवाजी जा चुकी हैं. फिटनेस पर उनकी खास बातें. मैं फिटनेस में भारत की ब्रांड अंबेसडर बनना चाहती हूं. मुङो लगता है कि फिट रहना दुनिया की सबसे बड़ी खुशी और जरूरत है. यहां तक

एक महात्मा थे। वह सत्संग करते और लोगों को धैर्य, अहिंसा, सहनशीलता, संतोष आदि के सदुपदेश देते। बड़ी संख्या में भक्त उनके पास आने लगे। एक बार भक्तों ने कहा, महात्मा जी, आप अस्पताल, स्कूल आदि भी बनवाने की प्रेरणा दीजिए। महात्मा जी ने ऐसा ही किया। एक दिन राजपुरुष आए और महात्मा की प्रेरणा से चल रहे कामों को देखकर खुश हुए। किंतु महात्मा की लोकप्रियता देखकर जल-भुन भी गए। उन्हें अपने भविष्य की चिंता सताने लगी। इसलिए वे इस तिकड़म में लग गए कि कैसे महात्मा की लोकप्रियता कम की जाए। अगले दिन सुबह होते ही वह महात्मा के पास पहुंचे। ज्ञान-ध्यान की बात करके उन्होंने महात्मा को एक

अक्सर लोग सोचते हैं कि जो महिलाएं कम सेक्स करती हैं उनकी वैजाइना टाइट हो जाती है और जो महिलाएं अधिक सेक्स करती हैं उनकी योनी ढीली हो जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं ये सिर्फ एक मिथ है। ये हम नहीं कह रहे बल्कि वूमेन हेल्‍थ स्पेशलिस्ट जेनिफर वाइडर का कहना है। डॉ. जेनिफर कहती हैं कि वैजाइना इंटकोर्स के बाद पहले जैसी नॉर्मल हो जाती है यहां तक की बच्चे के जन्म के बाद भी वैजाइना वापिस अपनी शेप में आ जाती है। डॉ. कहती हैं कि जीवन में सिर्फ दो बार ऐसा होता है जब वैजाइना की शेप लंबे समय तक बदलती है। पहली बार बच्चे के जन्म

डायबिटीज को दूर करने में योग की भूमिका डायबिटीज रोगियों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ रही है या यूं कहें कि यह समस्या आम हो गई है। शरीर में इंसुलिन हार्मोन की कमी या उसके निर्माण में अनियमितता के कारण डायबिटीज होती है। वजन में कमी आना, अधिक भूख प्यास लगना, थकान, बार-बार संक्रमण होना, देरी से घाव भरना, हाथ-पैरों में झुनझुनाहट ये सभी डायबिटीज के लक्षण हैं। ब्लड शुगर को नियंत्रित करने का एक अहम हथियार नियमित व्यायाम है, और योग इसका एक बेहद पुराना और असरदार हिस्सा। डायबिटीज की समस्‍या होने पर ब्लड सेल्स शरीर में उत्पन्न इन्सुलिन पर प्रतिक्रया देना बंद कर देते हैं। लेकिन नियमित रूप से योग

हमारी जीवनशैली और दैनिक व्यस्तता कई बार हमें स्वास्थ्य के बारे में सोचने का मौका नहीं देती। परिणाम यह होता है कि एक समय के बाद हॉस्पिटल के चक्कर लगाना मजबूरी बन जाती है। तो क्यों न नए साल में हम पांच सामान्य समस्याओं के बारे में जानें, ताकि उन बीमारियों की आशंका से दूर रह सकें। इन स्वास्थ्य समस्याओं से दूर रहने के उपाय बता रही हैं शमीम खान हम सभी अब अपनी सेहत को लेकर चिंतित रहने लगे हैं, क्योंकि अब स्वास्थ्य संबंधी अनेक समस्याएं सामने आने लगी हैं। हमारी जीवनशैली बदल गई है और हम ज्यादा आराम तलब हो गए हैं। दिनभर ऑफिस में कुर्सी पर बैठ कर

प्रति आइटम कैलोरी चार्ट लंच और डिनर में खाने कैलोरी (लगभग) के आइटम -चपाती (बिना घी की) एक छोटी 70 -चपाती (बिना घी की) एक मीडियम 85 -पराठा एक मीडियम 200 -पूरी एक मीडियम

सर्दियों में खाना खाने के बाद अक्सर मीठा खाने का मन करता हैं। इसके लिए सबसे बेहतर है कि आप गुड़ खाएं। गुड़ पाचन के लिए तो अच्छा है ही, साथ ही पीरियड्स के दर्द में भी काफी फायदेमंद है। आज हम आपको गुड़ के फायदों के बारे में बता रहे हैं। गुड़ का सेवन करने से आप सर्दियों में हेल्दी रह सकते हैं। पाचन क्रिया को सही रखना गुड़ शरीर का रक्त साफ करता है और मेटाबॉल्जिम ठीक करता है। रोज एक गिलास पानी या दूध के साथ गुड़ का सेवन पेट को ठंडक देता है। इससे गैस की दिक्कत नहीं होती। जिन लोगों को गैस की परेशानी है,

पारा गिरने के साथ दिल के मरीजों की दिक्कतें बढ़ने लगीं हैं। चिकित्सकों के मुताबिक सर्दी के मौसम में हार्टअटैक का खतरा सामान्य दिनों की अपेक्षा कई गुना तक बढ़ जाता है। सर्दी के मौसम में खून गाढ़ा हो जाने के कारण शरीर में रक्त का संचार सही तरके से नहीं हो पाता। ऐसे में दिल के रोगियों को सावधानी बरतने की जरूरत होती है। पीजीआई, लखनऊ में प्रोफेसर डॉ. राकेश कपूर के मुताबिक, पहली बार अटैक आया है तो मरीज को पांच घंटे के भीतर या इससे भी पहले उपचार मिल जाना चाहिए। दूसरी बार अटैक में चार और तीसरी बार में तीन घंटे के भीतर उपचार मिल जाना

सर्दियों में आपकी त्वरचा को क्याड कुछ नहीं झेलना पड़ता। सर्द हवायें त्वैचा की उसकी कुदरती नमी और खूबसूरती छीन लेती हैं। ऐसे में आपको अपनी त्वहचा का खास खयाल रखने की जरूरत होती है। आपको चाहिये कि अपनी त्वोचा को जरूरी पोषण देती रहें। ताकि इस मौसम में भी आपकी त्वोचा रहे खिली-खिली और मुलायम। मालिश, उबटन और संतुलित आहार और कुदरती तरीकों से आपकी त्वचचा सर्दियों में भी खूबसूरत रह सकती है। सर्द हवाएं त्वचा का तेल और नमी सोख लेती हैं। मालिश यूं तो हर मौसम में शरीर के लिए फायदेमंद मानी जाती है, लेकिन सर्दियों में इसके फायदे और बढ़ जाते हैं। बादाम या ऑलिव ऑयल

शिमला. बर्फबारी की खबर पाते ही पर्यटकों के चेहरे खिल उठते हैं। वे उन जगहों पर पहुंच जाते हैं जहां उन्हें बर्फबारी का मजा मिल सके, लेकिन पर्यटक कई बार इससे जुड़े खतरों को नजर अंदाज कर देते हैं जो कई बार जानलेवा साबित होता है। तीन दिन पहले हिमाचल प्रदेश में हुई भारी बर्फबारी के चलते मनाली गए 10,000 पर्यटकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सभी पर्यटक रास्ते में ही फंसे गए थे और वे हाइवे के दोबारा शुरू होने का इंतजार करते रहे। ठंड शुरू होते ही पूरे भारत से लोग शिमला, कुल्लू और मनाली जैसे पर्यटन स्थलों पर जाना शुरू कर देते हैं। अगर आप

हाल में हुए एक शोध में आलू में मौजूद तत्व का बेहद चौंकाने वाला फायदा पता चला है। कनाडा की मैकग्रिल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का मानना है कि आलू में मौजूद तत्व मोटापा घटाने में मददगार हो सकते हैं।

उनका मानना है कि आलू में पोलीफेनॉल्स के ऐसे कंसन्ट्रेटेड केमिकल्स हैं जो वजन कम करने के लिहाज से फायदेमंद हो सकते हैं।

हालांकि इस शोध में यह भी माना गया है कि आलू के इस तत्व की जानकारी का मतलब यह नहीं कि हम इसका सेवन अधिक करें क्योंकि इसमें कैलोरी अधिक होती हैं जिससे वजन बढ़ता है। हां, इस तत्व से कुछ ऐसे सप्लीमेंट जरूर बनाए जा सकते हैं जिनसे


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